शामली। वर्ष 2015 में दर्ज हत्या के प्रयास और अवैध हथियार रखने के दो मामलों में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कुल 10 वर्ष के कारावास और 6 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोनों मामलों में शामली पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद फैसला आया।
अभियोजन के अनुसार, कोतवाली शामली क्षेत्र के नौ कुआं रोड, घेर बुखारी निवासी साजिद उर्फ पाव पुत्र राशिद के खिलाफ वर्ष 2015 में झिंझाना थाने में हत्या के प्रयास (धारा 307 आईपीसी) का मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले की सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश शामली ने आरोपी को सात वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसी आरोपी के खिलाफ वर्ष 2015 में झिंझाना थाने में आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में भी न्यायालय ने आरोपी को तीन वर्ष के कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
शामली पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में प्रभावी और सशक्त पैरवी की, जिसके आधार पर आरोपी को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई गई। पुलिस ने इसे अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और मजबूत पैरवी का परिणाम बताया।