शामली। श्रावण मास में शिवभक्ति का रंग पूरे जनपद में देखने को मिल रहा है। गुरुवार को हरियाणा के भिवानी से आई महिला कांवड़ियों का एक जत्था हरिद्वार से गंगाजल लेकर शामली पहुंचा। बारिश के बीच भी महिला श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। शहर में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने उनका फूल बरसाकर स्वागत किया और नाश्ता, फल तथा पेयजल उपलब्ध कराया।
महिला कांवड़ियों का नेतृत्व कर रहीं रितु, जो पेशे से फैशन डिजाइनर हैं, ने बताया कि उनके साथ भिवानी की कई महिलाएं हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल भगवान शिव के प्रति आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि समाज में नारी सम्मान और महिला सशक्तिकरण का संदेश देने का भी एक प्रयास है।
रितु ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और धार्मिक आयोजनों में भी बढ़-चढ़कर भाग ले रही हैं। उनका उद्देश्य समाज को यह संदेश देना है कि महिलाएं किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि कठिन मौसम और लंबी दूरी के बावजूद सभी महिलाएं पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ यात्रा कर रही हैं।
शामली पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने महिला कांवड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। कई स्थानों पर भंडारों में उनके लिए भोजन और जलपान की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं ने महिला कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा कर उनका उत्साह बढ़ाया। बारिश के बावजूद महिलाएं "बोल बम" और "हर-हर महादेव" के जयघोष के साथ आगे बढ़ती रहीं।
श्रावण मास में इस बार बड़ी संख्या में महिला कांवड़ियों की भागीदारी देखने को मिल रही है। इससे यह संदेश भी मिल रहा है कि आस्था के साथ-साथ महिलाओं का आत्मविश्वास और सामाजिक सहभागिता लगातार मजबूत हो रही है। शिवभक्ति और नारी शक्ति का यह अनूठा संगम शामली में लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। रास्ते भर श्रद्धालु महिला कांवड़ियों का अभिनंदन करते रहे और उनकी मंगलमय यात्रा की कामना करते नजर आए।
