शामली। कोतवाली क्षेत्र के गांव कुड़ाना में सोमवार को एक सड़क हादसे में अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे कुड़ाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, लेकिन इमरजेंसी में डॉक्टर और फार्मासिस्ट न मिलने पर ग्रामीणों ने हंगामा किया।
जानकारी के मुताबिक, गांव कुड़ाना निवासी मोंटी पुत्र चंद्रपाल सोमवार अल सुबह अपने साथियों के साथ कुड़ाना रोड पर रेश कर रहा था। भाज्जू की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगने से मोंटी गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गया। आसपास के लोगों ने उसे तुरंत कुड़ाना सीएचसी पहुंचाया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सीएचसी की इमरजेंसी में घटना के समय कोई डॉक्टर या फार्मासिस्ट मौजूद नहीं था। इस कारण घायल युवक को समय पर उपचार नहीं मिल पाया। बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल परिसर में जमा हो गए और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने घटना की सूचना डायल 112 और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। प्राथमिक उपचार के बाद घायल युवक को बेहतर इलाज के लिए शामली जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि कुड़ाना सीएचसी में इमरजेंसी सेवाएं अक्सर अव्यवस्थित रहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय पर डॉक्टर उपलब्ध होते तो घायल को तुरंत इलाज मिल सकता था। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल में नियमित रूप से डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की है।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और कार चालक की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले पर समाचार लिखे जाने तक कोई बयान जारी नहीं कि
या गया था।

