*रीता हॉस्पिटल रोहटा बाईपास में बिल के नाम पर एक दिन के 40 हजार चार्ज
, हॉस्पिटल में हुआ खूब हंगामा, हॉस्पिटल ऑनर डॉ अनुज व स्टॉफ ने की मरीज के परिजनों से बदतमीजी। मरीज हुआ सीरियस तो जबरदस्ती डिस्चार्ज किया*
कल दिनांक 23/05/2026 दिन शनिवार शाम करीब 5 बजे रोहटा बड़ौत मुख्य सड़क पर रोहटा गांव से पूर्व नई कॉलोनी के सामने एक एक्सीडेंट में घायल हुए रेहान पुत्र शौकीन निवासी रोहटा थाना रोहटा मेरठ को नजदीकी रोहटा बाईपास स्थित हॉस्पिटल रीता मल्टी स्पेशलिटी एवं ट्रामा सेंटर पर एडमिट कराया था, जहां पर मौजूद स्टॉफ ने इमरजेंसी में भर्ती कर लिया। मरीज के हैड इंजरी के कारण क्रिटिकल हालत थी, जिस पर रात होते होते मरीज की हालत बिगड़ने लगी। सीटी स्केन के लिए भी नंगलाताशी स्थित अन्य हॉस्पिटल में जाना पड़ा। फर्स्ट ऐड के नाम पर पहले 10 हजार रुपए जमा करा लिए गए। मरीज को आईसीयू में रेफर कर दिया गया किन्तु आईसीयू की हालत बदतर थी वहां पर कोई भी ए0सी0 नहीं था बस पंखे चल रहे थे जिस कारण मरीज को कोई आराम नहीं मिला। जिस पर मरीज के घर वालों ने आज सुबह होने मरीज को अन्य हॉस्पिटल में रेफर करने के लिए हॉस्पिटल स्टॉफ से बोला, जिस पर पहले तो स्टॉफ ने आनाकानी की किन्तु ज़ब तीमारदारों ने स्क्रिक्टली स्टॉफ से बोला तो वो मान गए और हॉस्पिटल ऑनर के आने का बहाना बनाने लगे। सुबह 06 बजे से 11 बज गए टालमटोल करते रहे। ज़ब हॉस्पिटल से बिल माँगा गया तो करीब 40 हजार का बिल परिजनों को थमा दिया गया। जिस पर मरीज के परिजनों व हॉस्पिटल स्टॉफ में खूब नोकझोंक व गरमागर्मी व तू-तू मैं मैं होने लगी। हॉस्पिटल ऑनर डॉ0 अनुज व स्टॉफ ने मरीज के परिजनों के साथ दुर्व्यवहार करते हुए मरीज को रेफर करने साफ मना कर दिया। जिस पर मरीज की हालत बिगड़ने लगी। अत्यंत गरीब मरीज के परिजनों ने किसी तरह से पैसो का प्रबंध किया और हॉस्पिटल में जमा कराया। तब जाकर मरीज को डिस्चार्ज करते हुए अन्य हॉस्पिटल में परिजन रेफर कर ले गए। इसकी शिकायत मरीज के परिजनों ने सी0एम0ओ0 मेरठ डॉ0 अशोक कटारिया से की गई। डॉ0 अशोक कटारिया ने लिखित में शिकायत लेकर हॉस्पिटल पर सख्त कार्यवाही करने की बात कही।

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