मेरठ, 15 जून। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय (एसवीपीयूएटी), मेरठ ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक और अनुसंधान उत्कृष्टता का परिचय देते हुए इंडियन इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (IIRF) 2026 में देश के अग्रणी कृषि विश्वविद्यालयों में स्थान प्राप्त किया है। उत्तर प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों में विश्वविद्यालय को प्रथम स्थान मिला है।
यह उपलब्धि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उत्कृष्ट अनुसंधान, प्रभावी विस्तार सेवाओं तथा नवाचार आधारित कृषि विकास के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप यह सम्मान हासिल हुआ है।
विश्वविद्यालय आधुनिक कृषि तकनीकों, जलवायु-अनुकूल खेती, जैव प्रौद्योगिकी, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन तथा किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्र में लगातार उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उत्तर प्रदेश के प्रमुख कृषि विश्वविद्यालयों में एसवीपीयूएटी मेरठ ने अपनी मजबूत शैक्षणिक एवं अनुसंधान क्षमता के आधार पर अग्रणी स्थान प्राप्त किया है।
रैंकिंग में इसके बाद आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर 28वीं, रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय को 30वीं, बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय को 39वीं तथा चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय को 45वीं रैंक प्राप्त हुई।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान विश्वविद्यालय परिवार की सामूहिक निष्ठा, समर्पण और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अत्याधुनिक अनुसंधान, नवाचार तथा किसान-केंद्रित तकनीकों के विकास के माध्यम से कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि का श्रेय सभी शिक्षकों, वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, पूर्व छात्रों तथा प्रदेश और देश के कृषक समुदाय के सहयोग एवं विश्वास को दिया है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करना है।

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