शामली। दिल्ली में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की चर्चा के बीच शामली के करनाल रोड स्थित जेनेसिस इंस्टीट्यूट के छात्रों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। छात्रों ने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का मनोबल टूटता है और उनकी वर्षों की तैयारी पर पानी फिर जाता है।
छात्रों का कहना था कि यदि पेपर लीक जैसी घटनाएं होती हैं तो सबसे अधिक नुकसान उन युवाओं को होता है, जो दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उनका कहना है कि इस मुद्दे पर छात्रों का विरोध लंबे समय से चल रहा था और उनकी आवाज पहले ही सुनी जानी चाहिए थी।
कुछ छात्रों ने कहा कि कई अभ्यर्थी सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार पढ़ाई करते हैं, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने से उनकी मेहनत का उचित परिणाम नहीं मिल पाता। इससे परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े होते हैं और छात्रों का विश्वास कमजोर होता है।
छात्रों ने सरकार से मांग की कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सख्त और पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहे और मेहनत करने वाले छात्रों को न्याय मिल सके।
