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बीच सड़क ‘कानून’ को रोककर दंपति पर हमला, छेड़छाड़ के बाद पति को चाकू मारा




**सरधना।** थाना क्षेत्र के खिर्वा रोड पर गुरुवार को दिनदहाड़े हुई एक घटना ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। आरोप है कि रंजिश के चलते कुछ युवकों ने बीच सड़क पर कार सवार दंपति को रोक लिया, महिला से छेड़छाड़ की और विरोध करने पर उसके पति को चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। हैरानी की बात यह रही कि आरोपित खुलेआम वारदात को अंजाम देकर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।


जानकारी के अनुसार, जिला मुजफ्फरनगर के थाना सिविल लाइन क्षेत्र के खालापार निवासी रफिया अपने पति खुर्शीद के साथ कार से किसी रिश्तेदारी के कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं। जब उनकी कार सरधना के खिर्वा रोड स्थित एक मंदिर के पास पहुंची तो पहले से घात लगाए बैठे कुछ युवकों ने उनकी गाड़ी को बीच सड़क पर रोक लिया। आरोप है कि युवकों ने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर मामला हिंसा में बदल गया।


पीड़िता रफिया के मुताबिक, आरोपितों ने उनके पति खुर्शीद को कार से बाहर खींच लिया और उनके साथ अभद्रता व छेड़छाड़ करने लगे। जब खुर्शीद ने इसका विरोध किया तो आरोपितों ने उस पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। इतना ही नहीं, चाकू से भी वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। अचानक हुए हमले से दंपति घबरा गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।


शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके की ओर बढ़े तो आरोपित जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। इसके बाद घायल अवस्था में रफिया अपने पति को लेकर सीधे सरधना थाने पहुंचीं और पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने घायल खुर्शीद को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया।


पीड़िता ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने केवल मारपीट ही नहीं की, बल्कि उनकी कार को भी निशाना बनाया। लाठी-डंडों से कार के शीशे तोड़ दिए गए, जिससे वाहन को भी नुकसान पहुंचा।


घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा है कि यदि बीच सड़क पर कार रोककर छेड़छाड़, मारपीट और चाकूबाजी जैसी वारदातें होने लगें तो आम लोगों की सुरक्षा का दावा कितना मजबूत है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपितों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह होगा कि पीड़ित परिवार को न्याय कितनी जल्दी मिलता है और आरोपी सलाखों तक कब पहुंचते हैं।

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