सरधना। गाजियाबाद जिले के लोनी क्षेत्र के गनोली गांव निवासी दूध व्यापारी ओमकार की गोली मारकर हत्या किए जाने के सनसनीखेज मामले में मंगलवार को जांच एक नए मोड़ पर पहुंच गई। हत्या के बाद शव को गंगनहर में फेंके जाने की आशंका के आधार पर लोनी थाना पुलिस रोहटा क्षेत्र स्थित पूठखास पुल पहुंची और पीएसी के गोताखोरों की मदद से कई घंटों तक सघन तलाश अभियान चलाया। हालांकि देर शाम तक चले अभियान के बावजूद पुलिस को कोई सफलता हाथ नहीं लगी और शव का पता नहीं चल सका।
जानकारी के अनुसार गनोली गांव निवासी 42 वर्षीय ओमकार पुत्र राममहर शनिवार को बाइक से लोनी क्षेत्र में सूखा चारा लेने के लिए निकले थे। आरोप है कि खड़खड़ी रेलवे अंडरपास के पास घुमाव पर गांव के ही कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। गोली लगने के बाद हमलावर उन्हें जबरन एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार में डालकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया था।
मृतक के परिजनों द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में गांव के गौरव पुत्र विजेंद्र, सौरभ उर्फ भोला पुत्र विजेंद्र, गोपाल पुत्र रमेश तथा गौतमबुद्धनगर के बादलपुर निवासी गौरव सहित अन्य लोगों को नामजद किया गया है। परिजनों का आरोप है कि घटना पूरी तरह सुनियोजित थी। पुलिस को घटनास्थल से बड़ी संख्या में कारतूस के खोखे भी बरामद हुए थे, जिससे हमले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
मृतक के साले श्यामवीर और धर्मेंद्र ने बताया कि पुलिस जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं। फुटेज के अनुसार आरोपितों की स्विफ्ट कार शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे रोहटा थाना क्षेत्र के सलाहपुर गांव के सामने स्थित एक पेट्रोल पंप पर दिखाई दी थी। इसके लगभग 17 मिनट बाद वही कार पूठखास चौकी के पास लगे कैमरों में नजर आई। परिजनों का कहना है कि पेट्रोल पंप से पूठखास चौकी तक पहुंचने में सामान्यतः दो मिनट का समय लगता है, जबकि कार को वहां पहुंचने में 17 मिनट लगे। इसी आधार पर आशंका जताई जा रही है कि आरोपितों ने बीच रास्ते में पूठखास पुल के निकट रुककर ओमकार के शव को गंगनहर में फेंका होगा।
इसी संभावना की जांच के लिए मंगलवार दोपहर करीब दो बजे लोनी थाना पुलिस पूठखास पुल पहुंची। स्थानीय पुलिस को सूचना देने के बाद पीएसी के गोताखोरों की सहायता से गंगनहर में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। गोताखोरों ने पुल के आसपास के क्षेत्र में काफी देर तक खोजबीन की, लेकिन शव का कोई सुराग नहीं मिला। देर शाम तक अभियान जारी रहने के बावजूद सफलता हाथ नहीं लग सकी।
अभियान के दौरान तकनीकी समस्या भी सामने आई। गंगनहर में तलाशी के लिए इस्तेमाल की जा रही बोट का इंजन अचानक खराब हो गया, जिसके कारण गोताखोरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद टीम ने अभियान नहीं रोका और चप्पुओं की मदद से बोट चलाकर खोजबीन जारी रखी। गोताखोरों ने पूठखास पुल से लेकर एक ओर भोला झाल और दूसरी ओर भलसोना पुल तक के क्षेत्र में तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। मृतक के परिजनों का दावा है कि हत्या के बाद आरोपित ओमकार के शव को कार में रखकर कई घंटों तक विभिन्न क्षेत्रों में घूमते रहे। उनके अनुसार सीसीटीवी फुटेज से यह पुष्टि हुई है कि आरोपित गाजियाबाद से निकलकर बागपत जिले के रटौल, टिटरी मंडी और पुरा महादेव क्षेत्र तक पहुंचे। इसके बाद वे मेरठ जिले में प्रवेश कर मेरठ-बड़ौत रोड, परतापुर और टोल प्लाजा क्षेत्र से भी गुजरते दिखाई दिए।
परिजनों ने सवाल उठाया है कि शव को कार में लेकर आरोपित तीन जिलों के कई प्रमुख मार्गों से गुजरते रहे, लेकिन किसी भी थाना क्षेत्र की पुलिस को इसकी जानकारी नहीं हो सकी। उन्होंने पुलिस की निगरानी व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी और शव बरामदगी की मांग की है।
उधर, ग्रामीणों का कहना है कि यदि पूठखास पुल के आसपास भी प्रभावी सीसीटीवी निगरानी होती तो घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकती थी। ग्रामीणों के अनुसार चौराहे पर लगे कैमरे केवल चौराहे तक ही सीमित हैं और पुल क्षेत्र उनकी निगरानी में नहीं आता। इस संबंध में थानाध्यक्ष पूजा पंवार ने बताया कि पूठ चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन उनका कवरेज केवल चौराहे तक ही सीमित है।
फिलहाल पुलिस विभिन्न सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर मामले की जांच में जुटी है। वहीं ओमकार के परिजन शव की बरामदगी और आरोपितों की गिरफ्तारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मामले ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग इस जघन्य वारदात के खुलासे का इंतजार कर रहे हैं।

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