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सरकारी जमीन बताकर रिटायर्ड फौजी पर हमला, धारदार हथियार और लाठी-डंडों से पीटा

 सरकारी जमीन बताकर रिटायर्ड फौजी पर हमला, धारदार हथियार और लाठी-डंडों से पीटा


सरधना। थाना क्षेत्र के कालंद गांव में जमीन को लेकर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गांव निवासी सेना से रिटायर्ड बुजुर्ग पर कुछ युवकों ने खेत पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने उनकी जमीन को सरकारी जमीन बताते हुए पहले गाली-गलौज की और विरोध करने पर धारदार हथियार तथा लाठी-डंडों से हमला कर घायल कर दिया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पीड़ित ने थाने पहुंचकर आरोपितों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।


कालंद गांव निवासी देवेंद्र त्यागी ने बताया कि वह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं और रविवार को अपने खेत पर कृषि संबंधी कार्य कर रहे थे। इसी दौरान कुछ युवक वहां पहुंचे और खेत की जमीन को सरकारी जमीन बताते हुए विवाद करने लगे। देवेंद्र त्यागी के अनुसार युवकों ने बिना किसी कारण उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करना शुरू कर दिया। जब उन्होंने इसका विरोध किया और गाली-गलौज करने से मना किया तो आरोपित आक्रोशित हो गए।


पीड़ित का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर हमलावरों ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इसके बाद लाठी-डंडों से जमकर मारपीट की गई। अचानक हुए हमले से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। खेतों में काम कर रहे आसपास के लोगों ने जब शोर-शराबा सुना तो मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों को आता देख हमलावर मौके से फरार हो गए।


घटना के बाद घायल अवस्था में देवेंद्र त्यागी थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी घटना से अवगत कराया। उन्होंने आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हमले में शामिल एक आरोपित जिला बदर बताया जा रहा है, जिसके कारण वह और उनका परिवार भय के माहौल में जी रहा है। उनका कहना है कि आरोपित लगातार दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।


घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस ने पीड़ित को सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया है।


ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जमीन संबंधी विवाद लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे मामलों में समय रहते प्रशासनिक हस्तक्षेप नहीं होने पर विवाद हिंसक रूप ले लेते हैं। गांव के लोगों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

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