मेरठ जनपद के सरधना क्षेत्र के गांव पाली में दहेज प्रथा के खिलाफ एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। यहां शिवानी, पुत्री हरिओम की शादी सहारनपुर जनपद के गांव शिमलाना निवासी राहुल पुंडीर के साथ धूमधाम से संपन्न हुई। विवाह समारोह के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने मौजूद लोगों के दिलों को छू लिया और समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया।
दरअसल, शादी के दौरान जब दहेज के रूप में 11 लाख रुपये दूल्हे पक्ष को दिए गए, तो दूल्हे राहुल पुंडीर ने सभी के सामने वह रकम वापस लौटा दी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें दहेज की कोई आवश्यकता नहीं है और विवाह जैसे पवित्र रिश्ते को लेन-देन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उनके इस कदम की वहां उपस्थित लोगों ने जमकर सराहना की।
इस पहल ने न केवल दोनों परिवारों के बीच सम्मान और विश्वास को और मजबूत किया, बल्कि समाज में फैली दहेज प्रथा के खिलाफ एक सशक्त संदेश भी दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हर युवक इसी तरह आगे आए, तो दहेज जैसी कुरीति को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
ग्रामीणों और परिजनों ने राहुल पुंडीर के इस निर्णय की प्रशंसा करते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। यह विवाह समारोह अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे एक आदर्श पहल के रूप में देख रहे हैं।


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